बिजनेस में कस्टमर को अपनी तरफ कैसे आकर्षित करे?

दोस्तों आज हम देखेंगे बिजनेस में कस्टमर को अपनी तरफ कैसे आकर्षित करे। दोस्तों आज के युग में देखा जाये तो। तो सभी युवा बिजनेस करना चाहते है। नौकरी कोई भी नहीं करना चाहता। इसलिए बिजनेस में कॉम्पिटिशन काफी बढ़ चुकी है।

हम कोनसे भी फिल्ड में बिजनेस करे हर जगह कॉम्पिटिशन बढ़ चुकी है। इसलिए आज हम आपको बताएँगे की अगर आप बिजनेस करते है। और आपके पास कस्टमर नहीं आते तो आपको क्या करना चाहिए इसके बारे में आपको पूरी जानकारी मिलेगी।

हम आपको ७ ऐसी स्टेटर्जी बताएँगे जिनका आपको बिजनेस में काफी फायदा होगा। और आपके कस्टमर बढ़ने लगेंगे। तो चलिए दोस्तों देखते है।

1 . अपने बिजनेस की वेबसाइट बनाइये

दोस्तों अगर आप जो भी बिजनेस कर रहे है। उसकी आपको वेबसाइट बनानी है। ताकि लोग आपको ढूंढ़ते हुवे आ जाये। आपको लोगो को न ढूंढ़ना पड़े। यही है एक थीम ० डॉलर मार्केटिंग। अपने वेबसाइट का एक नीट & क्लीन होम पेज बनाया जाये।

जिसका एक सुन्दर लगभग व्हाइट बैग्राउंड का एक बेस कलर हो। जिसमे जब कस्टमर पहुँच जाता है आपकी वेबसाइट पर। तो उसको ढूंढ़ने में समय न लगे उसको वह वेबसाइट आसान लगे। कॉल तो ऐक्शन बेस वेबसाइट बनाइये। जैसे की शॉप नाउ , कॉल नाउ। ताकि आपके वेबसाइट पर आ करके कस्टमर कुछ करे।

कॉल तो ऐक्शन मतलब कस्टमर देखतेही कॉल करे या प्रोडक्ट ख़रीदे। कस्टमर को हिडेन कमांड दो। और अपने वेबसाइट पर हमेशा सल्यूशन पे फोकस करो। क्या होता है दोस्तों। पूरा करियर बिजनेस को बर्बाद कर देने वाला करियर क्या है।

अगर आप प्रोडक्ट का इंट्रोडक्शन और प्रोडक्ट का डिस्क्रिप्शन वेस्ट कर दोगे। तो जिंदगी में कोई कस्टमर आपसे मॉल नहीं ख़रीदेगा। प्रोडक्ट इंट्रोडक्शन और डिस्क्रिप्शन हमेशा लिमिटेड रखिये। कुछ ऐसा करे की सिंगल क्लीक नेविगेशन पर वो आ जाये।

जैसे समुद्र में जाकर जहाज कभी कभी खो जाता है। इतना दूर की दीखता नहीं है। क्षितिज बोलते है उसे। आपके वेबसाइट पर ऐसा न लगे। एक ही नेविगेशन क्लीक के अंदर उसे सब मिल जाये चैट , इ मेल , प्रोडक्ट। विज़िटर के लिए आसान क्र दो अपनी वेबसाइट।

और वेबसाइट को हमेशा अपडेट करते रहो। तो दोस्तों आप अपने बिजनेस की वेबसाइट बनाकर आपके बिजनेस को डिजिटल बना सकते है। इससे आपके बिजनेस पर काफी पॉजिटिव इफेक्ट पड़ेगा।

2 . कस्टमर की पसंद पहचानिये

दोस्तों अगर हम बिजनेस करते है तो हमे कस्टमर का पूरा ध्यान रखना होता है। वह हमारे प्रोडक्ट से खुश है या नहीं। देखो की कस्टमर को खरीदते वक्त उसे क्या तकलीफे आती थी। उसके पुराने बाइंग बिहेवियर को देखो। देखो के उसके टच पॉइंट्स क्या है

कैसे वह सोशल मिडिया से आपके पास आ रहा है। उस टच पॉइंट को स्टडी करो। उसके एग्जिस्टिंग बाइंग प्रोसेस में जो गैप्स है। जिसे उसको तकलीफे आ रही थी। हो सकता है आपको प्रोडक्ट में चेंज लाना पड़े।

जिससे वह तुरंत खरीद ले 0 डॉलर मार्केटिंग हो गयी आपकी। समजो अगर आपका रेस्टोरेंट है और कस्टमर खाना खाने अत है। तो पहले वह दाल भी ऑर्डर करता था , शाही पनीर भी ऑर्डर करता था , वेज पुलाव भी आर्डर करता था। उससे क्या होता था उसका बिल बढ़ जाता था। आपने क्या किया उसकी मिक्स थाली बनाकर दी।

उसके buying प्रोसेस की तकलीफ को काम कर दिया। पहले बिल अत था ८०० रुपये अब वह २५० रुपये में खाता है। वह तुरंत आपसे माल लेगा और हर बार लेगा। आपने क्या किया उसके buying प्रोसेस को देखा उसको क्या तकलीफ़े आ रही थी।

आप हमेशा ये चेक करते रहो की आपके वेबसाइट के पेज पर। हाइएस्ट ट्रैफिक पेज पर आ रहा है लोवेस्ट ट्रैफिक कोनसे पेज पर आ रहा है। चेक करो की किस कॉन्टेंट पर कस्टमर रिटेन होता है। यानि की कोनसे आर्टिकल वह कस्टमर देर तक पढ़ता है आपकी वेबसाइट पर।

कोनसे पेज को शियर क्र रहा है। कोनसे विडिओ देखता है आपके वेबसाइट पर। कोनसा प्रोडक्ट ज्यादा बिकता है। कोनसा प्रोडक्ट काम बिकता है। ये भी चेक करो की अहा पे आपका बाउंस रेट ज्यादा है। किधर आपको आपका कस्टमर आपको छोड़ के चला जाता है।

3 . कस्टमर को वो content दो जो वह चाहता है

दोस्तों इसका मतलब यह है की। वह content दे दो जो कस्टमर आपके प्रोडक्ट को यूज करते यूज करते समय जिन तकलीफो। का सामना करने वाला है वो पहले ही उसे दे दो। कॉन्टेंट कुछ ऐसा बनाओ की १० x करदो कॉन्टेंट को। उसको ऑथेंटिक करो रेलेवेंट करो।

जबरदस्त होना चाहिए टू द पॉइंट होना चाहिए कॉन्टेंट। कुछ लम्बा चौड़ा मत लिखो कुछ बड़े बड़े आर्टिकल मत लिखो। कोई बड़े बड़े आर्टिकल मत लिखो। एक इन्फो ग्राफिक एक छोटासा ग्राफिक जैसे ही इमेज देखेगा उसकी प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी।

फ्री कॉन्टेंट दो। अपने कॉन्टेंट में प्रमोशनल ऑफर मत डालो। प्रोडक्ट फीचर मत डालो। अगर आपका रेस्टोरेंट है तो कस्टमर को रेस्पी बेस्ड कॉन्टेंट दो।

अगर आप डॉक्टर है तो पेशंट को कैसे अपने हेल्थ में प्रिवेंशन बेस्ड कॉन्टेंट दो। की कैसे उसकी हेल्थ अच्छी रहेगी। वह मत दो के भाई आओ मेरे से टेस्ट करा लो। तुम्हे २० % डिस्काउंट दे रहा हु। उससे कस्टमर चला जाता है।

अगर आप लॉयर है तो कस्टमर अधिकारों के बेस्ड पर कॉन्टेंट उसे बनाकर दो। अपनी सोशल मीडिया की प्रेजेंस को बढ़ाओ। कॉन्टेंट सबकुछ होता है बिजनेस में। एक अच्छा कॉन्टेंट बना के दो। लोगो को अलाव करो की वह आके साथ जुड़ जाये। बिजनेस में CUSTOMER को अपनी तरफ कैसे आकर्षित करे

4 . कस्टमर को ढूंढ़ने मत जाओ कस्टमर आपको ढूंढ़ता हुवा आएगा

दोस्तों इसका मतलब है की। आउटबाउन्ड मार्केटिंग बंद कर दो। कस्टमर के पीछे पीछे मत जाओ। कस्टमर को अपने पीछे पीछे लेकर आओ। बड़ा हल्का सा फरक है इसमें। पहले ९० % लोग आउटबाउन्ड पे पैसा खर्च करते थे।

१० % इनबाउन्ड पर करते थे। अब ट्रैफिक चेन्ज हो रहा हो मॉडल चेंज हो रहा है। अब लोग ९० % इनबाउंड पर करते है और १० % आउटबाउंड पर करते है। आउटबाउंड क्या होता है। जो ट्रेडिशनल मैथर्डस है।

जैसे की यहाँ पर आप कस्टमर को ढूंढ़ने जा रहे हो। ट्रेड शो में जाते हो। सेमिनार में जाते हो। कोल्ड कॉलिंग करते हो। ई मेल करते हो। टीवी पर ऐड करते हो। इसका roi कम है। क्या आप जानते यह कैसा होता है आउटबाउंड।

ऑउटडाउन ऐसा है जैसे आप खेत में सुई ढूंढ रहे हो। यानि की आपने अख़बार में ऐड कर दी इतने बड़े खर्ट में एक कस्टमर ढूंढ़ने निकले थे। आपको खेत में सुई नहीं ढूंढ़नी है। इनबाउंड मतलब ऐसा कुछ करे जिससे सुई अपने आप चलके मेरे पास आ जाये।

कस्टमर अपने आप चलके आ जाये। दोस्तों देखा जाये तो ज्यादा तर मॉडल चेंज हो गए है। कॉन्टेंट मार्कर्टिंग , ब्लॉगिंग , सोशल मीडिया ये सरे तरीके है जिससे आप इनबाउंड करते हो। अब इनबाउंड मार्केटिंग बोहत पावरफुल है।

क्योकि यह कस्टमर को एम्पॉवर करता है। की वह आपको ढूंढ़ता हुवा आपके पास आ जाये। तो सबसे पहले कस्टमर को करो अट्रैक्ट। उसके बाद करो एंगेज। उसके बाद करो डी लाइट। ताकि आपके पास कस्टमर आये आप कस्टमर के पास न जाये।

5 . डेटा को संभालना शुरू करो

दोस्तों अगर आप पैसा नहीं खर्च करना चाहते। तो डेटा को संभालना शुरू करो। मुकेश अम्बानी भी कह चुके है। डेटा इज द न्यू ऑक्सीजन। डेटा दो प्रकार का है। एक इंटरनेट का डेटा और जिसमे आपके पास सारी इन्फॉर्मेशन होती है।

कस्टमर के फोन नंबर , कस्टमर के इ मेल , उन्होंने प्रोडक्ट कब ख़रीदा। इसकेलिए सॉफ्टवेर लगाओ। इसके बिना चल नहीं सकता। जो भी आपका रेलेवेंट डेटा बेस है। उसे इखट्टा करना शुरू करो। अब आपके मन में आया होगा की डेटा कैसे मिलता है।

डेटा पता है कैसे मिलता है। आपको अलग अलग सोर्सेस आप खुद थे। आपने ध्यान नहीं दिया। किसी ने आपको कॉल किया वह डेटा है। हर डेटा क CRM में डालो। बोहत सस्ता पड़ता है CRM। इसमें आप सारा डेटा कलेक्ट करके रख सकते है।

अगर कोई पूरानी सेल्स हुई है वह भी आपका डेटा है। कोई इन्क्वाइरी फॉर्म पर कुछ भर दिया अपने बारे में वह भी एक डेटा है। उस डेटा का संभल कर रखो। उसे CRM में लेकर आओ। कोई इवेंट में गए वह से कोई बिजनेस कार्ड कोई इन्फॉर्मेशन लेकर आये।

उसे भी अपने CRM में डालो। किसी ने फीड बैक दिया आपको वह भी आपका डेटा है। एम्पायर करो अपनी टीम को की जो डेटा इखट्टा हो गया है। १००० , २००० कस्टमर का जितने भी है। उनके साथ में रिलेशनशिप बिल्ड करे।

उनको फ़ॉलोअप करे उनको कान्सेस्ट्नट पिच दे। ऐसा करने से क्या होगा। की ज्यादा से ज्यादा कस्टमर आपके साथ जुड़ेंगे। और आपका बिजनेस ग्रोथ करेगा। बिजनेस में CUSTOMER को अपनी तरफ कैसे आकर्षित करे

6 . आपने जो डेटा इखट्टा किया है उसे नया रूप दो

दोस्तों अब तक आपने जो डेटा इखट्टा किया है। तो उस डेटा को नया जीवन भी देते जाओ। क्योकि वह डेटा पुराना होता जायेगा उसे नया जीवन दो। अब आप यह सोच रहे होंगे की नया जीवन कैसे दे। तो फॉलो अप करो एक नए एजिंग लिड के साथ।

अब एजिंग लिड मतलब जिसे ६ महीने हो गए ३ महीने हो गए। ऐसी लिड के साथ रिलेशनशिप बिल्ड करो। इसका तरीका क्या है। देखिये एक बात है।

अगर आपने करेक्टली यह कर लिया तो आपको इससे बोहत फायदा मिलेगा। पुराने कस्टमर के साथ धंदा करना ७ गुना सस्ता पड़ता है। नए कस्टमर के साथ हांडा करना ७ गुना महंगा पड़ता है। लेकिन इसमें कुछ ऐसी लिड्स होगी जो बिलकुल अनक्वॉलिफाइड है।

इंकम्पेटेबल है। उसपर समय मत लगाओ। आपको करना क्या है। अपने रिम को थोड़ा समजाओ थोड़ा बताओ। के कस्टमर को फोन जब करोगे। मतलब पुराने डेटा को। तो सेल्स करने के लिए मत कहिये रिलेशनशिप बनाओ उसके साथ। अपने पुराने डेटा के साथ।

अगर आप उसे कॉन्टैक्ट करते ही फिरसे सारि बाते पूछने लगोगे। की अरे पिछली बार आपने क्या लिया था। क्या लिया था। आपको ऐसे नहीं करना है। CRM में पहले इन्फॉर्मेटशन देखो। कस्टमर को एक ही बात चार लोगो से दोबारा दोबारा करने से वह बहुत चीड़ जाता है।

उससे पहले याद रखो उसने पहले कॉन्टैक्ट क्यों लूज किया था। वह क्या कारण था की वह दोबारा नहीं आया। इस तरह की बाते करो उससे रिलेशनशिप बिल्ड करो। सबसे बड़ा रीजन क्या है। कस्टमर दोबारा न जुड़ने का।

क्योकि आपने पहले ही सीधा उसे बोलै की भाई मेरा माल खरीद लो। ये नहीं होना चाहिए अगर ७ मिनिट का कॉल है तो उसमे सिर्फ २ मिनिट सेल्लिंग की बात हिनी चाहिए। बाकि ५ मिनिट अपनी रिलेशनशिप बिल्ड करो।

7 . स्टोरी टेलिंग फॉर रीकॉल

दोस्तों एक बात याद रखियेगा। जितनी बड़ी एडवर्टिजमेंट देखि आज तक कोनसी पको याद रह गयी। जिसने अपने प्रोडक्ट के बारे में की वह याद रहा गयी। या फिर जिसकी कहानी बड़ी इमोशनल और जबरदस्त स्टोरी के माध्यम इ आपको बताई गई।

दोस्तों आपको बता दे की तोरी कस्टमर को याद रह जाती है। हर बात में स्टोरी डालो। सेल्स की पिच में स्टोरी डालो। वेबसाइट में एक छोटीसी स्टोरी दिखनी चाहिए। आपके वीडिओज़ में स्टोरी दिखनी चाहिए। आपके हर ब्रांड कैम्पेन में जिसमे आपका पैसा नहीं लगता। कहानी के थ्रू कम्युनिकेट करो। तो आपका कस्टमर बनेगा रिपीट कस्टमर।

पहले होता है कस्टमर। उसके बाद होता है रिपीट कस्टमर। रिपीट कस्टमर के बाद बनता है लॉयल कस्टमर। लॉयल कस्टमर के बाद बनता है प्रमोटर।

और प्रमोटर आगे चलके बनता है एडवोकेट। ये बड़े स्ट्रैटर्जिक ५ स्टेप्स है। अपनी मार्केटिंग स्ट्रैटर्जी में ब्लोग्स में , आर्टिकल में। कहानी के रूप में बताइये। पर कहानी होनी कैसी चाहिए।

तो दोस्तों कहानी इंटरटेनिंग होनी चाहिए। इमोशनल होनी चाहिए। एजुकेशनल होनी चाहिए। एक ऐसी कहानी बताइये जो की यूनिवर्सली एक्सेप्टेबल हो।

जिसे सुनकर लोग आपके साथ जुड़ना चाहे। एक कम्युनिटी की तारीफ किरिये। कम्युनिटी आपको फैला देगा। मैक्सिमम लोग इमोशनल स्टोरी से कनेक्ट होते है।

तो दोस्तों ये थे ७ स्टेटर्जी जो आपको आपका बिजनेस ग्रो करने में आपकी मदत करेंगे।

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