oyo success story in hindi

oyo success story in hindi । रितेश अग्रवाल सक्सेस स्टोरी

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दोस्तों आज हम देखेंगे oyo फाउंडर रितेश अग्रवाल की पूरी कहानी ! उनका जनम कहा हुवा उन्होंने oyo की शुरुवात कैसे की ! oyo success story in hindi

इसके बारे में हम पूरी जानकारी देखने वाले है ! एक २५ साल का युवक जिसने इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी सक्सेस हासिल कर ली है ! उन्होंने ये सब कैसे किया !

इसके बारे हम आज पूरी जानकारी देखने वाले है !

रितेश अग्रवाल

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रितेश अग्रवाल का oyo ! २५ साल के ये युवा ! १९९३ में इनका जनम हुवा ओडिशा के कट्टक गांव में ! ये ओड़िआ लड़का १३ साल की उम्र में इसने दुनिया घूमना शुरू कर दिया !

बचपन में पढाई में इनका बिलकुल मन नहीं लगता था ! फिर उन्होंने एक वर्ड सुना एथ्रोपिनौरशिप फिर उन्होंने कहा ! में भी एथ्रोपिनर बनूँगा मीनिंग नहीं मालूम था !

लेकिन क्लास में बच्चे इम्प्रेस हो गए ! और तबसे ये पीछे पद गए इस शब्द के ! आगे चल के लन्दन के बड़ी यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट कॉलेज अंदर इन्होने !

एडमिशन तो लिया लेकिन वहापढ़ने का मन नहीं था इनका ! एथ्रोपिनौरशिप पर कहि भी सेमिनार हो रहा हो ! कोई भी क्लास हो रही हो ! उसको जा करके ये अटेंट करते थे !

ट्रेवल में इनका इंट्रेस्ट था ! होटल में इनका इंट्रेस्ट नहीं था ! लेकिन इन्सिडेंटली इस बिज़नेस में घुस गए ! oyo success story in hindi

OYO का आइडिया रितेश अग्रवाल को कैसे आया ?

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रितेश अग्रवाल देखते थे की जो सस्ते होटल्स है ! उनके वाश रूम गंदे ! गद्दे चादर और भी गंदे ! और कस्टमर चेकिंग एक्सपेरिएंस चेकिंग चेकआउट और भी गन्दा ! फिर इन्होने सोचा की क्यों न इस बड़ी प्रॉब्लम को सॉल्व करते है !

उन्होंने मिशन बनाया क्रिएट ग्रेट लिविंग स्पेसेस फॉर कॉमन मैन ! ग्रेट लिविंग स्पेस और कॉमन मैन ! दोनों अलग अलग चीजे है ! दोनों एक साथ नहीं आ सकती !

वह साथ में लाना बड़ा मुश्किल था ! २०१२ में ओरावेल स्टेज प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कम्पनी की स्थापना की ! गुड़गांव के हुड्डा सिटी सेंटर चले गए वह काफी छोटे थे ! वह जाकर वह एक होटल वाले को बोले ! देखो भैय्या आपका होते चलता तो नहीं है !

इसमें लोग भी नहीं आते कमरे खली पड़े रहते है ! फिर उन्होंने उस होटल के मालिक से कहा की में आपके कमरे किराये पर चढ़वाता हु ! उसमेसे कुछ कमीशन मुझे दे देना !

फिर उस होटल के मालिक ने बोलै जा बेटा जा बोहत साल हो गए मुझे इस बिज़नेस में ! कोई उनपर विश्वास नहीं करता था क्योकि व बहुत छोटे थे ! फिर उन्होंने होटल के मालिक से कहा ! देखिये अगर लॉस हुवा तो मेरा और फायदा हुवा तो आधा आधा !

होटल का मालिक मान गया ! ३५००० रुपये लेकर दिल्ली के सदर बाजार में गए ! वह ३५००० खर्च करके वह से छोटी छोटी ऐसी चीजे लाये जिससे अंदर से !

होटल के एक्सपीरियंस बाथरूम , बेड , चादर , साफसफाई ! उस रूम्स को अच्छा किया ! वह से मेहनत चालू की ! लेकिन उन्हें बोहत मेहेंगा पड रहा था !

फिर उन्होंने सोचा की मॉडल को डेवलप करना है तो टेक्नोलॉजी चाहिए ! और वहा से उसके बाद उन्होंने oyo की स्थापना की !

OYO को सक्सेस कैसे मिला

दोस्तों रितेश अग्रवाल ने जैसे ही होटल के रूम्स को ! अपने तरीके से डेवलप करना शुरू किया वैसे कस्टमर बढ़ने लगे ! लोगो को ये बोहत पसंद आता था !

और देखते ही देखते हायर रेवेन्यू , रिपीट कस्टमर , एफिशिएंट ऑपरेशन , हाय क्लास CRM ! ये चारो चीजे दिखने लगी ! फिर उस प्रॉपर्टी का मालिक बोला ! अरे काम तो बोहत अच्छा चल रहा है ! चलो एक काम करते है मेरा एक होटल और है !

वहा पर भी लग जाओ काम पर ! और वही हरियाणे में गुड़गांव के प्रॉपर्टी ओनर उनको बोले ! मेरी प्रॉपर्टी भी डेवलप कर देगा क्या ! और इनका धंदा वही से चलने लगा ! एक से प्रॉफिट लेते हे फिर अगली प्रॉपर्टी में घुसते थे !

ऐसे करते करते इन्होने बोहत सारे होटल्स के साथ काम किया ! और आज इनका ५० % बिजनेस चायना इ है ! oyo success story in hindi

OYO की सक्सेस Strategies

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दोस्तों इसका मतलब इन्होने ध्यान से देखा ! अनब्रांडेड होटल बोहत सारे है ! उन सारे अनब्रांडेड होटल्स को ब्रांडेड इको सिस्टम में ला दे ! तो मजा आ जायेगा ! बोहत बड़ा कस्टमर बेस था जो १००० से २००० रुपये के प्राइज पर काम करना चाहता था !

लो उप मेन्ट सेगमेंट का जो कस्टमर था उसको ग्रेट क्वालिटी एक्सपीरियंस चाहिए था ! वो चाहता था की प्राइज कम हो ! बेस्ट लोकेशन हो ! और लो प्राइज हो !

तो रितेश अग्रवाल लोकेशन पे काफी फोकस करते थे ! सोचते थे की किसी मॉल के पास हो होटल ! रेलवे स्टेशन के पास हो ! एयरपोर्ट के पास हो ! ताकि होते तुरंत पिकअप कर जाये ! इसके बाद इन्होने धीरे धीरे समझना शुरू किया ! के दुनिया जितने बड़े होटल चेंज है !

ये सबका फोकस है उन होटल पर है जहा पर १०० से ज्यादा कमरे हो ! और ९० % इ ज्यादा होटल ऐसे है जहा १०० से कम कमरे है ! १० % होटल ऐसे है जिनके पास १०० से ज्यादा कमरे है ! उन ९० % होटल पर कोई ध्यान नहीं दे रहा !

वो मार्किट जिसपे कोई ध्यान नहीं दे रहा उसपर इन्होने ध्यान दिया ! उन होटल्स पे जो अकेले पड़े हुवे थे ! जिनका कोई नहीं है उनका OYO है ! इन्होने सोचा की प्रोपर्टिया बानी हुवी है पहले ! एक ४ स्टार होटल बनाने में ६० करोड़ लगते है !

एक ५ स्टार होटल बनाने में १२५-१५० करोड़ लग जाते है ! और उसके बाद प्रॉफिट निकलना मुश्किल हो जाता है ! इन्होने सोचा में होटल बनाऊंगा नहीं !

बने हुवे होटल के साथ पार्टनरशिप करूँगा ! और खास तोर पर उनपर कम करूंगा जिनके पास १०० से कम कमरे हो ! ऐसे होटल जिनपर कोई ध्यान नहीं दे रहा !

इसे अग्ग्रेगेटर बिजनेस मॉडल कहते है ! जहा पर में अपने ब्रांड का नाम आपको दे दू ! और आपका होटल तुरंत चल पड़े ! इसके मदत से आपके होटल्स अच्छे चलेंगे !

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